Highlights
- रविवार शाम करीब 7 बजे सीही गांव में हादसे का शिकार हुई थी 3 साल की नेहा
- सोमवार सुबह करीब 4 बजे उसे बोरवेल से बाहर निकाल लिया गया
- करीब 10 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जब बच्ची बाहर निकली तो शरीर में नहीं थी हलचल
फरीदाबाद: दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद से एक दर्दनाक खबर है। फरीदाबाद में 250 फीट गहरे बोरवेल में गिरी 3 साल की बच्ची की मौत हो गई है। उसे बचाने के लिए 10 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला था और सोमवार (28 सितंबर) सुबह करीब 4 बजे उसे बोरवेल से निकाला भी गया लेकिन जब उसे हॉस्पिटल लेकर गए तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सोमवार सुबह रेस्क्यू के बाद क्या हुआ?
करीब 10 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्ची नेहा को सोमवार (28 सितंबर) सुबह करीब 4 बजे बोरवेल से बाहर निकाल लिया गया था। जब उसे बाहर निकाला गया तो उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी।
बच्ची को तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अब बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
कब हुआ था हादसा?
बच्ची हादसे का शिकार रविवार शाम करीब 7 बजे सीही गांव में हुई थी। ट्रैक्टर पर खेलते समय बच्ची का पैर फिसला और वह खुले बोरवेल में जा गिरी थी। सूचना मिलते ही NDRF और SDRF की टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था।
अंधेरा होने के कारण बोरवेल के आसपास लाइटें लगाई गईं थीं और कैमरा अंदर भेजा गया था। रेस्क्यू के दौरान बच्ची के रोने की आवाज भी सुनाई देने की बात सामने आई थी।
करीब 15 साल पुराना था बोरवेल!
मिली जानकारी के मुताबिक, सीही गांव में नगर निगम की जमीन पर करीब 15 साल से बंद पड़ा एक बोरवेल था, जिसमें बच्ची गिरी। बच्ची के बोरवेल में गिरते ही आसपास मौजूद बच्चों ने शोर मचाया, जिससे मौके पर ग्रामीण और बच्ची के परिजन पहुंचे। बच्ची के पिता रामदीन के मुताबिक, बोरवेल करीब 15 साल से बंद था। कुछ दिन पहले ही उसका ढक्कन हट गया था।
बच्ची के पिता रामदीन ने बताया कि जिस समय ये हादसा हुआ, उस वक्त वह काम पर गए हुए थे। उन्हें ग्रामीणों से इस हादसे के बारे में पता चला। रामदीन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के निवासी हैं। वह कई सालों से सीही गांव में रह रहे हैं और मजदूरी करते हैं। परिवार में पत्नी और बच्चे हैं।
इससे पहले अंबाला में 220 फीट गहरे बोरवेल में गिरे बच्चे की भी मौत हो गई थी। (रिपोर्ट- फरीदाबाद से सुनील कुमार)
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